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राजस्थान विधानसभा सभा सत्र: उपाध्यक्ष-मुख्य सचेतक के पदों पर होगी नियुक्ति, सरकार बचाने वाले निर्दलीय विधायकों को मिलेगा तोहफा

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राजस्थान विधानसभा का सत्र 9 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र में मुख्य सचेतक और विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा सभापति पैनल में भी एक विधायक को नियुक्ति किया जाएगा। साथ में विधानसभा की समितियों में बदलाल किया जाएगा। पिछले तीन साल से विधानसभा उपाध्यक्ष का पद खाली चल रहा है। जबकि महेश जोशी के मंत्री बनने के बाद मुख्य सचेतक का पद पर भी नियुक्ति की जानी है। सचेतक के पद पर उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी को प्रमोट किया जा सकता है। महेंद्र चौधरी गहलोत कैंप के विधायक माने जाते हैं। तीन साल से खाली चल रहे विधानसभा उपाध्यक्ष पद चुनाव तय माना जा रहा है। इस पद पर नियुक्ति को लेकर जातीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा। उपाध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय विधायक महादेव सिंह खंडेला प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

करीब 25 विधायक सरकार को दे रहे हैं समर्थन

सीएम गहलोत महत्वपूर्ण पदों पर सरकार को सियासी संकट से उबारने वाले निर्दलीय विधायकों और बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को राजनीतिक नियुक्तियों को तोहफ दे सकते हैं। क्योंकि कैबिनेट के विस्तार में बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों में एकमात्र राजेंद्र सिंह गुढ़ा को ही मंत्री बनाया गया है। वहीं निर्दलीय विधायकों में एकमात्र संयम लोढ़ा को सीएम सलाहकार बनाया गया है। जबकि सरकार के बाहर से समर्थन देने वाले विधायकों की संख्या 25 है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन विधायकों को खुश करने के लिए सीएम गहलोत खाली चल रहे विधानसभा को पदों पर नियुक्त कर सकते हैं।

उपाध्यक्ष पद के लिए महादेव सिंह प्रबल दावेदार

प्रदेश में तीन साल से खाली चल रहे विधानसभा उपाध्यक्ष पद चुनाव तय माना जा रहा है। इस पद पर नियुक्ति को लेकर जातीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा। सीएम गहलोत ने सत्ता में आते ही वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सीपी जोशी को विधानसभा अध्यक्ष बना दिया, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की। गहलोत सरकार चौथे साल में प्रवेश कर गई है। विधानसभा उपाध्यक्ष की रेस में सीकर जिले के खंडेला से विधायक महादेव सिंह खंडेला प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला का विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने टिकट काट दिया था। तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने अपने समर्थक को टिकट दिलाने के लिए महादेव सिंह का खंडेला का टिकट काट दिया था। महादेव सिंह ने निर्दलीय लड़े और जीत दर्ज की। महादेव सिंह को गहलोत कैंप के विधायक माने जाते हैं। बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों में से नगर विधायक वाजिब अली और नदबई विधायक जोगिंद्रर सिंह अवाना को भी सीएम गहलोत एडजस्ट कर सकते हैं। 

समितियों में किया जाएगा बदलाव

तीन साल से खाली चल रही विधानसभा की समितियों में भी बदलाव किया जाएगा। महेंद्रजीत सिंह मालवीय के मंत्री बनने के बाद उनकी जगह सभापति पैनल में किसी नए विधायक को नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही विधानसभा की नियुक्तियों में भी बदलाव किया जाएगा। सीएम गहलोत मंत्री नहीं बनाने से नाराज चल रहे निर्दलीय विधायकों को कुछ पदों पर नियुक्त कर सकते हैं। 

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